बड़ी अजीब सी दुनिया है, बड़े अजीब से लोग हैं
बे-वजह की बातों पे भी बातें करते लोग हैं ।
जिंदगी के सवाल यहाँ लगते समंदर जैसे
किनारे की तलाश में भटकते रहते लोग हैं।
अपने गढ़े उसूलों में कैद हुआ अल्लाह
आजादी की चाहत में मचलने लगते लोग हैं।
एक अजीब सी ख़ामोशी पसरी रहती है यहाँ
मुर्दा शहर में खुश होकर जीते रहते लोग हैं।
बे-वजह की बातों पे भी बातें करते लोग हैं ।
जिंदगी के सवाल यहाँ लगते समंदर जैसे
किनारे की तलाश में भटकते रहते लोग हैं।
अपने गढ़े उसूलों में कैद हुआ अल्लाह
आजादी की चाहत में मचलने लगते लोग हैं।
एक अजीब सी ख़ामोशी पसरी रहती है यहाँ
मुर्दा शहर में खुश होकर जीते रहते लोग हैं।
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