काले रंग पे चोंच लाल
पंडित का तोता था कमाल
उकडू बैठा पिंजड़े के अन्दर
ऑंखें बंद, ध्यान मग्न
दुनिया का चिंतन, मंदिर का कीर्तन
कंठ में माला, रेशमी दुशाला
पास पड़ा था रबड़ी का प्याला
ऐसा अजूबा
ना देखा न सुना
लोगों के लगे हैं तांते
10 रुपये का टिकट
कई तरह की बातें
भगवान् का अवतार है
जैसे इश्वर को लगा बुखार है
यांत्रिकी मुद्रा में एक आंख खोलता
जुबान से बस टे है बोलता
भक्तों में हुई जयजयकार है
यह इश्वर की आवाज है
यह इश्वर की आवाज है
चढ़ावों का लगा अम्बार
बटोरने में
पुजारी की हालत ख़राब
जो वह न कर सकता
इस तोते ने कर दिया
भोले मष्तिष्क और भोले हृदयों को
कैसे अपनी कैद में कर लिया
एकाएक तोता गिर पड़ा
टे से आगे की ध्वनि सुनने को
हिलाकर जिन्होंने पिंजड़ा देखा
थे वे भक्त सच्चे
जैसे घड़ियाल का मुह खुलवाने को
चिड़ियाघर में पत्थर मारते बच्चे
रेशमी दुशाला छितराई
पेट में लगी चाबी नजर आई
यह तोता नहीं एक यन्त्र था
पंडित का षड़यंत्र था
जितनी भरी चाबी
उठाना ही चढ़ावा
पंडित की सफलता का
बड़ा ही सुन्दर मंत्र था
भांडा फूटा, पंडित भागा
नया यन्त्र नयी जगह
क्यूंकि
लोगों की ऑंखें तो खुली हैं
ह्रदय मगर अभी बंद हैं।
पंडित का तोता था कमाल
उकडू बैठा पिंजड़े के अन्दर
ऑंखें बंद, ध्यान मग्न
दुनिया का चिंतन, मंदिर का कीर्तन
कंठ में माला, रेशमी दुशाला
पास पड़ा था रबड़ी का प्याला
ऐसा अजूबा
ना देखा न सुना
लोगों के लगे हैं तांते
10 रुपये का टिकट
कई तरह की बातें
भगवान् का अवतार है
जैसे इश्वर को लगा बुखार है
यांत्रिकी मुद्रा में एक आंख खोलता
जुबान से बस टे है बोलता
भक्तों में हुई जयजयकार है
यह इश्वर की आवाज है
यह इश्वर की आवाज है
चढ़ावों का लगा अम्बार
बटोरने में
पुजारी की हालत ख़राब
जो वह न कर सकता
इस तोते ने कर दिया
भोले मष्तिष्क और भोले हृदयों को
कैसे अपनी कैद में कर लिया
एकाएक तोता गिर पड़ा
टे से आगे की ध्वनि सुनने को
हिलाकर जिन्होंने पिंजड़ा देखा
थे वे भक्त सच्चे
जैसे घड़ियाल का मुह खुलवाने को
चिड़ियाघर में पत्थर मारते बच्चे
रेशमी दुशाला छितराई
पेट में लगी चाबी नजर आई
यह तोता नहीं एक यन्त्र था
पंडित का षड़यंत्र था
जितनी भरी चाबी
उठाना ही चढ़ावा
पंडित की सफलता का
बड़ा ही सुन्दर मंत्र था
भांडा फूटा, पंडित भागा
नया यन्त्र नयी जगह
क्यूंकि
लोगों की ऑंखें तो खुली हैं
ह्रदय मगर अभी बंद हैं।
No comments:
Post a Comment