जब कभी वो जंजीर की एक कड़ी तोड़ता है
जिंदगी और भी मुश्किल में जिया करता है।
कदम उठते हैं इसलिए की उजाला पसरेगा
सुबह में शाम की कमीज सीया करता है।
जिंदगी और भी मुश्किल में जिया करता है।
कदम उठते हैं इसलिए की उजाला पसरेगा
सुबह में शाम की कमीज सीया करता है।
No comments:
Post a Comment